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Wednesday, October 8, 2008

वित्तीय संकट ने ली अमेरिकी परिवार की जान

यहाँ किसान आत्महत्या करते हैं, शेयर ब्रोकर भी यही राह चुनते हैं। वहाँ भी, अमेरिकी आर्थिक मंदी की चपेट में आए एक करोड़पति अप्रवासी भारतीय ने शेयर बाजार में हुए भारी नुकसान के बाद छह सदस्यों के अपने पूरे परिवार का सफाया कर दिया, जिनमें उसकी पत्नी, तीन पुत्र और उसकी सास शामिल हैं। घटना को अंजाम देने के बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। कभी लंदन के एक उद्यम में एक बार में ही 12 लाख अमेरिकी डालर बनाने वाला कार्तिक राजाराम पोर्टर रांच स्थित घर में अपनी पत्नी सुबाश्री, सास और तीन बेटों के साथ मृत पाया गया।

लास एंजिल्स टाइम्स में मंगलवार को प्रकाशित खबर के अनुसार अधिकारियों का मानना है कि एमबीए की शिक्षा प्राप्त राजाराम ने शेयर बाजार में खुद को हुए नुकसान के चलते अपने साथ अपने परिवार को भी मार दिया। पुलिस ने कहा कि हमें लगता है कि यह घटना पिछले कुछ सप्ताहों से जारी आर्थिक संकट के चलते हुई। 16 सितंबर को बेरोजगार राजाराम ने एक बंदूक खरीदी। उसने दो सुइसाइड नोट एक अंतिम वसीयत और घटना संबंधी एक प त्र लिखा। उसने शनिवार की रात और रविवार की सुबह के बीच किसी समय अपनी पत्नी, तीन बेटों और सास को मारने के बाद खुद को भी गोली से उड़ा लिया। लास एंजिल्स पुलिस विभाग के उप प्रमुख माइकल मूर के अनुसार पुलिस के नाम लिखे पत्र में राजाराम ने आर्थिक कठिनाइयों के लिए अपनी गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरे पत्र के ऊपर लिखा है, व्यक्तिगत और गोपनीय जो उसने पारिवारिक मित्रों के लिए लिखा है। तीसरे पत्र में वसीयत और घटना के बारे में लिखा है।

अमेरिका का कैलीफोर्निया मकान मालिकों के वित्तीय संकट से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, लेकिन पुलिस का कहना है कि राजाराम मकान मालिक नहीं था। मूर ने कहा कि सभी लोगों को हैंडगन की गोली लगी जिसे एमबीए की शिक्षा प्राप्त, लेकिन फिलहाल बेरोजगार चल रहे राजाराम ने हाल ही में खरीदा था। मूर ने कहा कि राजाराम को कभी कोई मानसिक बीमारी नहीं रही है। वह अपने वित्तीय मामलों में हुए नुकसान से निराश हो गया था और यही वजह हत्या तथा आत्महत्या का कारण बनी।